चौपारण : चौपारण प्रखंड स्थित प्रखंड तकनीकी सूचना केंद्र में बुधवार को किसानों के बीच मूंग, उरद और अरहर बीज का वितरण किया गया। इस अवसर पर किसानों को क्लस्टर पद्धति में खेती करने के लिए प्रेरित किया गया। इंटरक्रॉपिंग तकनीक के तहत मूंग, उरद और अरहर की संयुक्त खेती से लाभकारी उत्पादन के बारे में भी जानकारी दी गई। प्रखंड तकनीकी प्रबंधक (बीटीएम) शंभू सिंह ने बताया कि झारखंड मिलेट मिशन योजना के अंतर्गत मोटे अनाज की खेती करने वाले किसानों को प्रति एकड़ 3000 रुपये प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी, ताकि किसान मेहनत कर बेहतर उत्पादन कर सकें। उन्होंने यह भी कहा कि फसल बीमा का ऑनलाइन पंजीकरण शुरू हो गया है, इसलिए सभी किसान समय रहते इसका लाभ अवश्य उठाएं।
मौके पर कृषि तकनीकी प्रबंधक (एटीएम) राजेश कुमार ने किसानों को सलाह दी कि सभी बीजों का बीज उपचार अवश्य करें। इससे फसल रोगों से सुरक्षित रहती है और उत्पादन में वृद्धि होती है। चौपारण की सहयोगी संस्था सीएससी चौपारण एफपीओ की ओर से दीपक कुमार और कैलाश साव के सहयोग से गांव-गांव जाकर बीज वितरण कार्यक्रम को सफलतापूर्वक पूरा किया गया। कार्यक्रम के समापन पर किसानों ने बीटीएम शंभू सिंह, एटीएम राजेश कुमार और उपस्थित सभी अधिकारियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में किसानों को खेती में नई तकनीकों के उपयोग और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए जागरूक किया गया।
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